Friday, February 18, 2011

Dr. Dhian Singh - History of Meghs/Bhagats

Emergence and Evolution of Kabir Panth in Punjab
पंजाब में कबीर पंथ का उद्भव और विकास
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਬੀਰ ਪੰਥ ਦਾ ਉਦਭਵ ਅਤੇ ਵਿਕਾਸ

Are you searching for history/known history of Megh Bhagats? 
Yes, this thesis of Dr Dhian Singh can
guide you through

Dr. Dhian Singh, Ph.D
डॉ ध्यान सिंह, मो. 98556-55588, 99149-16660, 
फोन - 01822-233106.

पंजाब में कबीरपंथ का उद्भव और विकास
Please click the links below
नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक कीजिए 

An enthusiastic young man Mr. Dhian Singh from Kapurthala (Punjab), pioneered research on history of Megh Bhagat community in the backdrop of emergence and evolution of Kabir Panth in Punjab. This was very important from the point of view that his work helps in reconstruction of history of Dalit communities which has been destroyed and corrupted. Researcher Dr. Dhian Singh and director of this research work Dr. Seva Singh have, within the limitations, put in tireless efforts using research methodologies while pursuing intensive study, visits and interviews. Use of libraries for research work is a common thing. Dr. Dhian Singh undertook intensive touring of Jammu-Kashmir, Punjab, Haryana and Rajasthan at his own expense. His hard work together with diligence of his Director helped his thesis through for Ph.D degree in the year 2008.

For the past two years I had been requesting Dr. Singh to help  make his thesis on line for the benefit of others. Now on 08-02-2011 he gave me his thesis which was scanned and blogged. It is in the form of PDF file. To make it easy to read please press ‘ctrl’ and +.

I hope that, now, the desire of Meghs will be satiated with regard to their eternal questions as to who they are, who were their ancestors and what they used to do.

This thesis will help change the conventional thinking of Megh community which has been divided in so many names and religions that their social and political integration seems to be a distant dream. This thesis will help the community grow a sense of unity.

Finally big thanks to you Dr. Seva Singhji and Dr. Dhian Singhji. You have done a work of great importance. 

Bharat Bhushan
Chandigarh.

कपूरथला (पंजाब) के एक उत्साही युवक ध्यान सिंह ने पंजाब ने कबीर पंथ के उद्भव और विकास की पृष्ठभूमि में मेघ भगत समुदाय के इतिहास पर शोध करने का बीड़ा उठाया था. यह कार्य बहुत महत्वपूर्ण इसलिए था कि जिन दलित समुदायों का इतिहास नष्ट-भ्रष्ट किया जा चुका हो उनका इतिहास कैसे लिखा जाए. शोध के लिए पुस्तकालयों का उपयोग करना एक सामान्य बात है. शोधछात्र के तौर पर ध्यान सिंह ने और उनके निर्देशक डॉ सेवा सिंह, डी.लिट्. ने शोध सामग्री को देखते हुए विचार-विमर्ष के बाद मान्य पद्धतियों (methodologies) की सीमाओं में रहते हुए गहन अध्ययन के अतिरिक्त यात्रा और साक्षात्कार का सहारा लेने का निर्णय लिया. ध्यान सिंह जी ने इसके लिए जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के दौरे किए. उनके परिश्रम और निर्देशक के मार्गदर्शन से कार्य बखूबी हुआ और शोधग्रंथ वर्ष 2008 में पी.एच.डी. की डिग्री के लिए स्वीकार कर लिया गया. यह अपनी तरह का पहला कार्य है.

मैं दो-एक वर्ष से डॉ ध्यान सिंह से आग्रह कर रहा था कि वे अपने शोधग्रंथ को अन्य के लाभ के लिए ऑन-लाइन करें. अब 08-02-2011 को उन्होंने यह शोधग्रंथ मुझे सौंपा और मैंने उसकी स्कैनिंग कराने के बाद उसे एक ब्लॉग का रूप दे दिया.

मुझे आशा है कि अब हमारे मेघ भाइयों की यह जिज्ञासा शांत हो जाएगी कि हम कौन हैं, कहाँ से आए हैं और हमारे पुरखे क्या करते थे.

सब से बढ़ कर यह शोधग्रंथ मेघ भगत समुदाय की पारंपरिक सोच को बदलने में सहायक होगा जिसे इतने नामों और धर्मों में बाँट दिया गया है कि उनमें सामाजिक और राजनीतिक एकता दूर का सपना लगती है. इसे पढ़ने के बाद इस समुदाय में एकता की भावना बढ़ेगी.

अंत में डॉ ध्यान सिंह और डॉ सेवा सिंह जी को कोटिशः धन्यवाद. आपने बहुत महत् कार्य को संपन्न किया है. यह शोधग्रंथ सात पीडीएफ फाइलों के रूप में नीचे दिया गया है. इन पर क्लिक करें और पढ़ें. फाइल खोलने के बाद स्क्रीन पर बड़ा पढ़ने के लिए ctrl और + को दबाएँ. पीडीएफ फाइल पर भी ऊपर दाएँ हाथ (+) और (-) के चिह्न हैं उनका भी प्रयोग किया जा सकता है. यह पीडीएफ़ फाइल एक बार खोलने से न खुले तो दूसरी बार क्लिक कर के खोलें. 

भारत भूषण
चंडीगढ़.


04-06-2012 को मेघ भगतों की सामाजिक संस्था ‘Bhagat Mahasabha भगत महासभा, जम्मू ने कबीर का 614वाँ प्रकाशोत्सव मनाया. इस मौके पर डॉ. ध्यान सिंह के मेघ भगतों (कबीरपंथियों) पर लिखे गए पहले शोधग्रंथ- पंजाब में कबीरपंथ का उद्भव और विकास- के महत्व को मान्यता देते हुए भगत महासभा ने उन्हें उप मुख्यमंत्री श्री तारा चंद के कर कमलों से सम्मानित किया. डॉ. ध्यान सिंह को कई फोरम सम्मानित कर चुके हैं लेकिन उनके अपने समुदाय की ओर से किया गया यह सम्मान अपनी तरह का पहला था. जहाँ इस सम्मान का डॉ. ध्यान सिंह के लिए महत्व है, वहीं भगत महासभा, जम्मू बधाई की पात्र है और वह अपनी इस पहल पर गर्व कर सकेगी.


Key words: History of Meghs, History of Megh Bhagats, History of Kabir Panthis, Pujnabi Kabir Panthis, Megh Bhagat, Thesis, मेघ भगत, शोधग्रंथ,  

26 comments:

  1. Following is the first email comment received from Mr. Mohan Devraj Thontya of Karachi, Pakistan. Mr Thontya is a researcher and has written a research paper on ORIGINS OF MEGHWAR AND MEGH RIKH which can be read at this link.
    https://sites.google.com/site/meghwar1/
    Thanks for the valuable comment Mr. Thontya.


    "On Fri, Feb 18, 2011 at 6:06 PM, Mohan Devraj Thontya wrote:

    Dear Bharat Bhushan ji,
    I am in gratitude for your email message with a valuable piece of information. Thank you for providing me opportunity to read the above PhD thesis of Dr Dhyan Singh. I congratulate to Dr Dhyan Singh for taking pains to carry out research on such interesting topic. His task is really praiseworthy and would definitely furnish newer information to the scholars particularly those who are working on Kabirpanthis in Punjab. Equally this thesis is quite important to Megh (Meghwar) community who belong to the Kabirpanth not only in Punjab but also into the neighbouring regions including Sindh (Pakistan). Since this thesis has been written in the Punjab context, Dr Dhyan Singh will appreciate the point that the origins of Megh can be still traced far beyond than he has put forwarded into his thesis. I again congratulate to Dr Dhyan Singh for completing such a wonderful thesis."

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  2. डॉ. ध्यान सिंह ने अपने दिनांक 21-02-2011 के ईमेल द्वारा पंजाबी में निम्नलिखित संदेश भेजा है:-

    "ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਨਮਸਕਾਰ
    ਬਲਾਗ ਪਡ ਕੇ ਖੁਸ਼ੀ ਹੋਈ. ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਮਿਹਨਤ ਲਈ ਵਧਾਈ ਤੇ ਪਾਤਰ ਹੋ. ਮੈਂ ਬਹੁਤ ਚਿਰ ਤੋਂ ਇਹ ਕੰਮ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਸੀ. ਪਰ ਰੁਝੇਵਿਆਂ ਕਾਰਨ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਅਸਮਰਥ ਰਿਹਾ. ਤੁਸੀਂ ਇਹ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਤੁਹਾਡਾ ਧੰਨਵਾਦ. ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਮੇਰੇ ਫੋਨਾਂ ਦੇ ਕੰਟੈਕਟ ਨੰਬਰ 98556-55588 ਅਤੇ 99149-16660, 01822-233106 ਅਤੇ ਮੇਰਾ ਈ-ਮੇਲ ਅਡਰੈਸ dr.dhiansingh@gmail.com, dr.dhiansingh@yahoo.com ਵੀ ਲਗਾ ਦੇਣ ਦੀ ਕਿਰਪਾਲਤਾ ਕਰਨਾ ਤਾਂ ਕਿ ਜੇ ਕੋਈ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਮੇਰੇ ਵਸ ਵਿੱਚ ਜਾਣਕਾਰੀ ਜਾਂ ਸਹਾਇਤਾ ਲੈਣੀ ਚਾਹੇ ਤਾਂ ਮੈਨੂੰ ਖੁਸ਼ੀ ਹੋਵੇਗੀ."
    हिंदी अनुवाद -
    “श्रीमान् जी, ब्लॉग पढ़ कर खुशी हुई. आप इस परिश्रम के लिए बधाई के पात्र हैं. मैं बहुत समय से यह कार्य करना चाह रहा था. लेकिन कुछ व्यस्ताओं के कारण असमर्थ रहा. आपने यह कार्य किया आपको धन्यवाद. कृपया मेरे फोन के कंटेक्ट नंबर 98556-55588 और 99149-16660, 01822-233106 और मेरा ई-मेल पता dr.dhiansingh@gmail.com, dr.dhiansingh@yahoo.com भी लगाने की कृपा की करें ताकि कोई किसी तरह की मेरे पास उपलब्ध जानकारी या सहायता लेना चाहे तो मुझे खुशी होगी.”
    मेरी टिप्पणी-
    आदरणीय डॉ साहब, आप पहले शोधकर्ता हैं जिन्होंने मेघ समुदाय के पिछले 100 वर्ष के इतिहास को न केवल एकत्रित किया है बल्कि उसे शोध की मान्य प्रविधियों और पद्धतियों के वैज्ञानिक तरीके से संकलित कर हम तक पहुँचाया है. आभार तो हमें आपका मानना चाहिए. मेघ समुदाय आपके इस कार्य को याद रखेगा.
    मैं आपका हृदय से आपके प्रति आभार प्रकट करता हूँ. वाहेगुरु आप पर मेहर रखे.

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  3. आप इस परिश्रम के लिए बधाई के पात्र हैं.

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  4. एक अच्छी प्रस्तुति और नायाब तोहफा. आज रात इसको इत्मीनान से पडूंगा

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  5. अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी है...इसे ऑन लाईन करक् आपने ज्ञान के प्रसार का महती कार्य किया है...आपको साधुवाद।

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  6. नयी जानकारी के लिए आपका आभार !

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  7. Mr. Gulshan Azad has contributed this information vide his comment on blog 'Megh Bhagat'

    GULSHAN AZAD said...

    MEGH COMMUNITY PUNJAB IS A BILONG TO KABIR PANTHI BIRADHARI RITI RIVAJ BY ARIYA SAMAJ
    THE FIRST KABIR MANDIR NEAR CHPLI CHOWK BHARGOVA NAGAR JALANDHAR BY MR AMAR NATH AREWALE AND MR AMIN CHAND .MR AMAR NATH AREWALE JI START KABIR SHOBHA YATRA . AT THE KABIR JAYNTI ARENGE SHOBHA YATRA AROND THE CITY AVERY YEAR .
    May 7, 2011 7:06 PM

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  8. बहुत बढिया जानकारी आपने उपलब्ध कराई है...धन्यवाद!

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  9. कार्य अति सराहनीय है.....साधुवाद

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  10. इस जानकारी को ब्लोगियों के लिए परोसने के लिए शुक्रिया ज़नाब का .

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  11. good read
    thanks for sharing

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  12. पहली बार आपके ब्लाग पर आया हूं। बहुत सुंदर लेख, अच्छी जानकारी

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  13. नमन है आपके परिश्रम को। बहुत ग्यानवर्द्धक आलेख है। फाईलें खोल कर भी देखते हैं। धन्यवाद।

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  14. शेयर करने के लिए शुक्रिया, पढ़ कर अच्छा लगा !
    मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है : Blind Devotion - सम्पूर्ण प्रेम...(Complete Love)

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  15. जानकारी के लिए आपका आभार !

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  16. अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी, आपका आभार !

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  17. Here is wishing you a very Happy Independence Day!

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  18. The post is very informative.Thank you.

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  19. समय मिले तो मेरे एक नए ब्लाग "रोजनामचा" को देखें। कोशिश है कि रोज की एक बड़ी खबर जो कहीं अछूती रह जाती है, उससे आपको अवगत कराया जा सके।

    http://dailyreportsonline.blogspot.com

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  20. A comment received by notification:

    kumar zahid ✆ noreply-comment@blogger.com

    8:10 PM (10 hours ago)

    to me
    kumar zahid has left a new comment on your post "History of Meghs/Bhagats":

    भूषण साहब!
    बहुत ही प्रेरक काम है आपका। एक राह भी आपने दिखाई है कि जिन चीजों को टाइपिंग में वक्त लग सकता है उसे इस तरह भी पेश किया जा सकता हे।

    कबीर पंथ पर बहुत काम हो रहा है। कबीर पंथ को उन लोगों से अलग करने का काम भी चल रहा है जो उससे सीधे जुड़े हैं और जिनका उस पर अधिकार है।
    दरअसल कुछ पंथी इस बात पर आश्वस्त हो गए है कि जो कबीर ने किया वही काफी है अब हम फुर्सत में बिगड़ सकते हैं कबीरपंथी भाइयों से ही मैंने अपने पंथी भाइयों के विषय में यह सुना है।

    कबीर साहब उनको नेक राह दिखाएं।

    आपका काम और कबीरपंथ तथा मेघ समुदाय के लिए समर्पण सलाम के काबिल है।

    Posted by kumar zahid to Kabir Panth: Emergence and Evolution of Kabir Panth in Punjab at December 2, 2011 8:10 PM

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  21. I just saw your comment this is really important to me Thanks for coming here

    Love From everything is canvas

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  22. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।
    मेरा शौक
    मेरे पोस्ट में आपका इंतजार है,
    आज रिश्ता सब का पैसे से

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